Friday, August 2, 2013

नन्द नगरी में मन्दिर पर हमला, मूर्तियां तोडीं, महिलाओं व कांवडियों को पीटा, दर्जनों घायल


नई दिल्ली, अगस्त 2, 2013। पूर्वी दिल्ली के नन्द नगर थानान्तर्गत प्राचीन शिव हनूमान मन्दिर पर रमजान की नमाज से पूर्व हुए हमले में दर्जनों लोग घायल हो गए, मूर्तियों व पूजित कलशों को तोडा गया, महिलाओं व काबडियों को बुरी तरह मारा गया। घटना से छुब्द विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल व अन्य हिन्दू संगठनों ने नन्द नगरी थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए बजीराबाद रोड को घंटों जाम रखा। किन्तु वहां भी हिन्दू समाज को न्याय की जगह पुलिस के डण्डे ही मिले। विहिप दिल्ली के महा मंत्री श्री सत्येन्द्र मोहन ने मांग की है कि यदि अपराधियों को अबिलम्ब जेल नहीं भेजा गया तो हम दिल्ली के कोने कोने में प्रबल आन्दोलन खडा करेंगे।

घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि नन्द नगरी के ई-1 ब्लाक स्थित प्राचीन हनूमान-शिव मन्दिर में आज प्रात: कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा के बाद एक नई मूर्ति की स्थापना का कार्यक्रम था। मूर्ती स्थापना की प्रक्रिया व पूजा पाठ चल ही रहा था कि कुछ मुस्लिम युवक दबाब देकर माइक बन्द कराने लगे। मामले को तूल देने से बचने हेतु भक्तों ने माइक की आवाज को पहले कम और बाद में बन्द भी कर दिया और पूजा पाठ जारी रखा। किन्तु नमाज से ठीक पूर्व सैंकडों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लाठी डण्डे, पत्थरों व हथोडों से वार कर न सिर्फ़ मन्दिर की मूर्तियों व पूजा के कलशों को तोडा वल्कि महिलाओं व काबडियों को भी बुरी तरह पीटा। हैरानी की बात यह थी कि हमले के बाद अपराधी तत्व आराम से मस्जिद में घुस कर सुरक्षित हो गये और पुलिस मूक दर्शक बन हिन्दुओं की दयनीय स्थिति को देखती रही। बाद में विहिप के जिला मन्त्री श्री मनोज व बजरंग दल संयोजक श्री सतीश सोनी के नेतृत्व में नन्द नगरी थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया गया तथा बजीराबाद रोड को घण्टों जाम रखा। वहां भी अपराधियों की बजाय, पुलिस के डण्डे हिन्दू समाज पर ही पडे। देर सायं तक पुलिस ने न तो कोई एफ़ आई आर दर्ज की और न ही किसी हमलावर को गिरफ़्तार किया। हां किया तो वह यह कि पूछताछ के लिए हिन्दू समुदाय के दर्जनों लोगों को देर रात तक पुलिस ने थाने में बिठाए रखा। अपराधियों के संरक्षण हेतु स्थानीय विधायक काफ़ी समय तक थाने में ही देखे गए।
विहिप व बजरंग दल ने हमला करने वालों के विरुद्ध कडी कार्यवाही की मांग करते हुए दिल्ली सरकार को चेताया है कि वह अपनी तंद्रा से जागे और हिन्दू समाज को भी अपना समझ अपराधियों पर अंकुश लगाए।
प्रदर्शनकारियों में विहिप के विभाग मंत्री श्री रमेश चन्द्र, श्री राजेन्द्र मावी, श्री रवि कुमार, श्री तेजवीर सिंह व अधिवक्ता श्री रिछपाल सिंह सहित सैकडों लोग सामिल थे।

Sunday, July 28, 2013

एक ओर गोली चलाई तो दूसरी ओर लाठी की भी मनाही। क्या यही है सरकार की धर्म निरपेक्षता?


नई दिल्ली जुलाई 28, 2013। शव ए बारात वाली तेईस जून की रात्रि को जब पांच हजार से अधिक बाईक सवार दिल्ली के दिल इँडिया गेट पर उत्पात मचाते हुए माता-बहिनों की सरे आम इज्जत लूटने की कोशिश करते है, राहगीरों को प्रताडित कर पुलिस पर हमला करते हैं पर दिल्ली पुलिस मूक दर्शक बनी रहती है जबकि, मुट्ठीभर बाइकर्स का पीछा करते हुए गोली चलाकर युवकों को पुलिस द्वारा ढेर कर दिया जाता है। क्या यही था इनका कसूर कि इनके सिर पर सफ़ेद टोपी नहीं थी और उन पर थी? विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली के महा मंत्री श्री सत्येन्द्र मोहन ने घटना की न्यायिक जांच की मांग करते पूछा है कि क्या यही है दिल्ली सरकार का असली पंथ-निरपेक्ष चेहरा? विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली सरकार की दोगली नीति के परिणाम स्वरूप हुई इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए मांग करती है कि दिल्ली की सरकार कम से कम पुलिस व प्रशासन को अपने सांप्रदायिक एजेण्डे का शिकार न होने दे। विहिप का कहना है कि हजारों की संख्या में मुस्लिम युवक जब उत्पात मचाएं, पुलिस पर हमला करें, मात बहिनों की इज्जत लूट राहगीरों को आतकित करें तो गृह मंत्रालय, उप-राज्यपाल कार्यालय तथा पुलिस मुख्यालय से जवानों को संयम बरत डांडा भी उठाने की मनाही कर दी जाती है जबकि चंद हिन्दू युवकों के इण्डिया गेट से भाग जाने पर भी पीछा करते हुए गोली से मार दिया जाता है। यह सरकार द्वारा प्रायोजित सांप्रदायिक नहीं तो और क्या है? विहिप ने घायल युवक के परिजनों से मिलने के बाद यह भी मांग की है कि युवक व उसके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।