Sunday, October 23, 2011

प्रेस विज्ञप्ति : भगवान राम और रामायण को कलंकित करने से बाज आएं : विहिप

प्रेस विज्ञप्ति
भगवान राम और रामायण को कलंकित करने से बाज आएं : विहिप
नई दिल्ली अक्टूबर 23, 2011। विश्व हिन्दू परिषद ने आज कहा है कि जो लोग ए के रामानुजन के राम द्रोही व रामायण द्रोही लेख को दिल्ली विश्व विद्यालय के पाठ्यक्रम से हटाये जाने का विरोध कर रहे हैं वे हिन्दू विरोधी मानसिकता के शिकार हैं। विहिप दिल्ली के महा मंत्री श्री सत्येन्द्र मोहन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ये लोग यदि हिन्दू धर्म के मान बिन्दुओं का उपहास करने से बाज नहीं आए तो विहिप-बजरंग दल दिल्ली के कार्यकर्ता सडकों पर उतरने को मजबूर होंगे।

विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि आज विहिप दिल्ली की एक बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि हिन्दू धर्म के आदर्श व मान-बिन्दुओं का उपहास उडाना आज एक फ़ैशन सा बनता जा रहा है। जब बात भगवान श्रीराम, माता सीता, बजरंगबली हनुमान या रामायण के अपमान की होती है तो और असहाय हो जाती है। प्रस्ताव में जहां सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयानुसार विश्व विद्यालय के इतिहास ऑनर्स के छात्रों को रामानुजम के लेख “रामायण के 300 लेख” को न पढाए जाने का स्वागत किया गया है वहीं इस लेख का समर्थन करने वालों को नसीहत दी है कि वे अपनी हिन्दू द्रोही मानसिकता को त्याग कर विद्यार्थियों को संस्कार युक्त शिक्षा के बारे में सोचें। अन्यथा उन्हें रामायण के अपमान के लिए विश्व भर के हिन्दुओं के कोप का भाजन बनना पडेगा।

श्री बंसल ने बताया कि इस लेख में रामायण में सीता को रावण की बेटी बताने के साथ कई घोर आपत्तिजनक बातें लिखी हैं जिनका वर्णन तक नहीं किया जा सकता है। आखिर विश्व का कौनसा व्यक्ति अपने आराध्य के विषय में की गई अश्लील व ऊल जलूल मनढंत बातों को सहन करेगा। ऐसे व्यक्तियों को यदि अविलम्ब नहीं रोका गया तो दिल्ली की जनता इनका तीव्र विरोध करेगी।

विहिप के झण्डेवालान स्थित कार्यालय में आज हुई इस बैठक में विहिप के प्रान्त उपाध्यक्ष श्री महावीर गुप्ता, संगठन मंत्री श्री करुणा प्रकाश, बजरंग दल प्रान्त संयोजक एडवोकेट शैलेन्द्र जायसवाल, सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
भवदीय



विनोद बंसल
मीडिया प्रमुख,
इन्द्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद-दिल्ली
संपर्क : 9810949109

Press Statement
VHP WARNED AGAINST BLASPHEMOUS CHAPTER IN DU
New Delhi. VHP today warned those who are opposing SC decision on removal of the blasphemous essay ‘Three Hundred Ramayanas: Five Examples and Three Thoughts on Translation.’ It was a part of the syllabus for BA (Hons) History students of Delhi University. Those who have been hurt by the decision are anti hindu playing at the behest of Christian Missionaries, said VHP state general secretary shri Styendra Mohan. We will start an agitation if any thing goes against our Dharma, culture & values in educational institutions he added.
According to the Media chief of VHP Delhi shri Vinod Bansal a resolution has been adopted in a meeting conveyed today in its state head quarters in Jhandewalan, New Delhi. It states that making mockery of Hindu symbols are becoming a fashion now a day. We can not tolrate it. On one hand, we welcome the SC decision on the issue where as we warns those who are still against removal of the essay and demanding it back. We suggest opponents to concentrate on the value based studies rather then telling lie to the students otherwise Hindus will bound to teach them a lesson in a democratic way, the resolution added.
It is to recall that as a major victory for the Shiksha Bachao Andolan Samiti, the Delhi University on October 10 withdrew the blasphemous essay on Ramayana from history textbook. The essay written by AK Ramanujan contained derogatory, defamatory and offensive language against Hindu gods and goddesses. The essay ‘Three Hundred Ramayanas: Five Examples and Three Thoughts on Translation,’ was part of the syllabus for BA (Hons) History students.
The state Vice President shri Mahavir Prasad, the state Organising sec, shri Karuna Prakash, Bajrang Dal convenor advocate Sailendra Jaiswal were amongst the VHP office bearers present in the meeting.
Regards

Vinod Bansal
Media Chief
Indraprastha Vishwa Hindu Parishad-Delhi Mobile : 9810949109

Sunday, October 16, 2011

प्रेस विज्ञप्ति: महर्षि वाल्मिकि के रोम-रोम में राम थे : सिंहल

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महर्षि वाल्मिकि के रोम-रोम में राम थे : सिंहल

नई दिल्ली अक्टूबर 12, 2011। महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव के अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली ने आज एक विशाल शोभा यात्रा निकाल कर पश्चिमी दिल्ली में एक भण्डारे का आयोजन भी किया। इसमें समाज के हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंहल ने आदि कवि महर्षि वाल्मीकि को दुनिया का प्रथम काव्य रचना कार बताते हुए कहा कि भगवान श्री राम उनके रोम-रोम में बसे थे। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से दुनिया को न सिर्फ़ जीवन की विविध मर्यादाओं से परिचित कराया वल्कि हमारे विविध मत पंथ संप्रदायों के मध्य समरसता का भाव जाग्रत कर पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोया।

विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि भगवान वाल्मीकि के प्रकटोत्सव के अवसर पर आज एक विशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा प्रात: 10 बजे पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित श्री सनातन धर्म मन्दिर मंगल बाज़ार से प्रारम्भ होकर क्षेत्र के विविध बाज़ारों व बस्तियों से होती हुई दोपहर 2 बजे वाल्मीकि वस्ती खेडा कालोनी स्थित डीडीए पार्क में एक सभा में परिवर्तित हुई जहां एक भण्डारे का आयोजन भी किया गया। शोभा यात्रा के मार्ग तथा सभा स्थल पर ब्राह्मण समाज, जैन समाज, अग्रवाल समाज तथा बौद्द समाज के लोगों द्वारा वाल्मीकि समाज के लोगों का सम्मान भी किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में सभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग संघ चालक डा ओम प्रकाश पाहूजा ने कहा कि महर्षि ने समाज में सहोदर का जो भाव जगाया उसे आज और बलबती करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बाल्मीकि समाज के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि विहिप द्वारा आयोजित की गई शोभा यात्रा, सभा व भण्डारे ने हम सभी का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज यहां पर देश के विविध मत पंथ संप्रदायों की सामूहिक उपस्थिति व कार्यक्रम में सफ़ल सहभागिता देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

कार्यक्रम में श्री सनातन धर्म मंदिर उत्तम नगर के अध्यक्ष श्री यशपाल बाली, अग्रवाल समाज के महा मंत्री श्री सुरेश गर्ग, ब्राह्मण समाज के श्री रवि शर्मा, विहिप दिल्ली के उपाध्यक्ष श्री महावीर प्रसाद गुप्ता, जिला अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश शर्मा सहित अनेक धार्मिक व सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित थे। विहिप पश्चिमी दिल्ली के मंत्री श्री शांन्ति प्रसाद ने मंच का संचालन किया।

भवदीय

विनोद बंसल

मीडिया प्रमुख,

इन्द्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद-दिल्ली

संपर्क : 9810949109

Tuesday, September 27, 2011

प्रेस विज्ञप्ति - राम कथा में है विश्व की सभी समस्याओं का समाधान : स्वामी राघवानन्द

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राम कथा में है विश्व की सभी समस्याओं का समाधान : स्वामी राघवानन्द

संगीतमय राम कथा के लिए कलश यात्रा सम्पन्न

नई दिल्ली सितम्बर 27, 2011। विश्व की बडी से बडी समस्या का समाधान राम कथा में निहित है। इसके सच्चे मन से श्रवण व मनन से किसी भी समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है चाहे वह व्यक्तिगत हो या पारिवारिक, सामाजिक हो या राजनैतिक, धार्मिक् हो या आध्यात्मिक । संगीतमय राम कथा के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा से पूर्व सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी राघवानन्द जी महाराज ने यह भी कहा कि भगवान श्री राम जन-जन के नायक हैं । राम चरित मानस की कथा का एक-एक अक्षर अम्रत तुल्य है जिसका रसास्वादन प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से करना ही चाहिए।

विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली, सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, खुखरायण वर्ल्ड ब्रदरहुड व श्री गुरू राम राय सरस्वती विद्या मन्दिर के संयुक्त तत्वावधान में आज से एक नव दिवसीय संगीत मय राम कथा का आयोजन किया गया है। दिल्ली के पहाडगंज स्थित क्रष्णा मार्केट से राम क्रष्ण आश्रम मार्ग होती हुई गुरू रामराय उदासीन आश्रम पहुंची एक भव्य कलश यात्रा ने आज सभी का मन मोह लिया। यात्रा में 151 कलशों को सिर पर धारण किए राम भक्त महिलाओं के विशाल समूह के आगे कथाकार श्री राम नाथ ओझा (बक्सर वाले) पवित्र रामायण को धारण किए रथ में चल रहे थे।

विहिप दिल्ली के उपाध्यक्ष श्री ब्रज मोहन सेठी ने इस अवसर पर आव्हान किया कि देश से भ्रष्टाचार व आतंकवाद रूपी राक्षस का समूल नाश करना है तो राम कथा को जीवन में अवश्य उतारें । उन्होंने बताया कि 27 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक प्रतिदिन 3 बजे से 6 बजे तक पहाड गंज के आराम बाग लेन स्थित उदासीन आश्रम में होने वाली इस कथा में युवा वर्ग की भागीदारी अधिक रहने की संभावना है।

भवदीय

विनोद बंसल

मीडिया प्रमुख,

इन्द्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद-दिल्ली

संपर्क : 9810949109

Thursday, September 22, 2011

दिल्ली में दो दिन में तीन मन्दिर ध्वस्त, राजधानी के हिन्दू संगठन लामबन्द

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दिल्ली में दो दिन में तीन मन्दिर ध्वस्त, राजधानी के हिन्दू संगठन लामबन्द

नई दिल्ली सितम्बर 21, 2011। दिल्ली में इस सप्ताह के मंगलवार व बुधवार के दिन मंदिरों के दुश्मन के रूप में जाने जाएंगे। मंगलवार सुबह जहां दिल्ली नगर निगम ने मस्ज़िद मौठ स्थित आर्य समाज मन्दिर को ढहाया तो वहीं नेशनल हाईवे अथोरिटी ने मथुरा रोड स्थित हनुमान मन्दिर को अपनी बलि का बकरा बनाया। दक्षिणी दिल्ली के ही न्यू फ़्रैंड्स कोलोनी-ईस्ट में तो हद तब हो गई जब एक प्राईवेट बिल्डर ने ही पैसों के लालच के चलते भगवान को भी नहीं बक्सा तथा मूर्ति समेत पूरे मन्दिर को ज़मींनदोज़ कर दिया। स्थानिय पुलिस व बिल्डर की मिली भगत के कारण भक्त अपने भगवान का घर भी नहीं बचा सके तथा देखते ही देखते पैसे व पावर के खेल के आगे सभी असहाय खडे थे। विहिप दिल्ली के महा मन्त्री श्री सत्येन्द्र मोहन ने दिल्ली की सरकार व प्रशासन से पूछा है कि क्या यही दिन देखने के लिए दिल्ली के हिन्दुओं ने इस सरकार को चुना था ? दिल्ली व केन्द्र सरकार बताए कि क्या देश की राजधानी अब हिन्दुओं के लिए नहीं रही ? क्या दिल्ली नगर निगम भी अब बिना बताए अकारण मन्दिर तोडेगा ?

विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि धर्म स्थलों पर बढते हमलों को देखते हुए आज राजधानी के अनेक धार्मिक व सामाजिक संगठनों की बैठक हुई जिसमें इस बात पर गहरी चिन्ता व्यक्त की गई कि एक ओर जहां ज़िहादी आतंकवादी हमारे धार्मिक व सामाजिक केन्द्रों पर हमले कर रहे हैं वहीं विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी विभाग भी इन्हें अपने अपने तर्कों के आधार पर निशाना बना रहे हैं। बैठक में इन सभी विधर्मी क्रत्यों की तीव्र निन्दा करते हुए सरकार से मांग की गई कि मन्दिरों पर आक्रमण करने वाले हाथों पर अबिलम्ब अंकुश लगाया जाए तथा इन सभी मन्दिरों के पुन:निर्माण हेतु शीघ्र कदम उठाए जाएं अन्यथा राजधानी का हिन्दू समाज चुप नहीं बैठेगा।

विहिप के झण्डेवालान स्थित कार्यालय में आज हुई इस बैठक में विहिप के प्रान्त अध्यक्ष श्री स्वदेश पाल गुप्ता, संगठन मंत्री श्री करुणा प्रकाश, सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी राघवानन्द जी, कालिका पीठाधीश्वर महन्त सुरेन्द्र नाथ अवधूत, बजरंग दल प्रान्त संयोजक एडवोकेट शैलेन्द्र जायसवाल, केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनिल आर्य, दक्षिणी दिल्ली वेद प्रचार मण्डल के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र डावर, धर्म यात्रा महासंघ के श्री मांगी राम गर्ग सहित अनेक धार्मिक व सामाजिक संगठनों के प्रमुख उपस्थित थे।

भवदीय

विनोद बंसल

मीडिया प्रमुख,

इन्द्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद-दिल्ली

संपर्क : 9810949109

Tuesday, September 13, 2011

प्रेस विज्ञप्ति :- साम्प्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को समाप्त करो : विहिप

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साम्प्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को समाप्त करो : विहिप

नई दिल्ली सितम्बर 13, 2011। साम्प्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक देश को सांम्प्रदायिक आधार पर बांटकर एक और विभाजन की नींव रखेगा। इसके देशद्रोही चरित्र के कारण इसे तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाना आवश्यक है। राष्ट्रीय सलाहकार परिषद द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्तावित विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विहिप दिल्ली महामंत्री श्री सत्येन्द्र मोहन ने कहा है कि राष्ट्रीय एकता परिषद की 15वीं बैठक में इस विधेयक के प्रति जो विरोध उभर कर आया उसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है। देश के विभिन्न भागों में विधेयक के संदर्भ में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने भी यह साबित कर दिया है यह कितना खतरनाक है। उन्होंने मांग की कि अब सरकार इस विधेयक को तुरन्त प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा करे अन्यथा राष्ट्र भक्त देशवासी सरकार व श्रीमती सोनिया गांधी के हिन्दू विरोधी चहरे को वेनकाव करने के लिए व्यापक जन आन्दोलन को मजबूर होंगे।

विहिप के प्रान्त मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि झण्डेवालन स्थित इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद कार्यालय में आज हुई बैठक में पारित एक प्रस्ताव में साम्प्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को देश के एक और बंटवारे की नींव मानते हुए इस राष्ट्रघाती विधेयक को तुरन्त प्रभाव से समाप्त करने की सरकार से मांग की गई। प्रस्ताव में यह चेतावनी भी दी गई कि विधेयक के विरोध में गत माह हुए देश व्यापी प्रदर्शनों तथा राष्ट्रीय एकता परिषद की हाल ही में हुई बैठक में व्यक्त विरोधी स्वरों को नजरंदाज़ किया गया तो इसके परिणाम बहुत गम्भीर होंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि इतने विरोध के बावज़ूद भी यदि सरकार इस विधेयक को संसद में लाती है तो इसके विरोध में एक अभूतपूर्व आन्दोलन होगा।

श्री बंसल ने बताया कि विधेयक में बहु संख्यक हिन्दुओं को पहले से ही अपराध मान लिया गया है, चाहे वह पीडित ही क्यों न हो । एक नागरिक को उसके धर्म व संप्रदाय के आधार पर ही बहुसंख्यक होने के कारण अपराधी मान लिया जाए और दूसरे को मात्र इस बजह से छोड दिया जाए कि वह एक विशेष समूह (अल्पसंख्यक) का है, यह कौनसी न्याय व्यवस्था है ?

बैठक में विहिप दिल्ली के उपाध्यक्ष श्री ब्रज मोहन सेठी व श्री महावीर प्रसाद गुप्ता, मंत्री श्री दीपक कुमार व श्री गुरदीन प्रसाद रुस्तगी, संगठन मंत्री श्री करुणा प्रकाश, बजरंगदल संयोजक श्री शैलेन्द्र जायसवाल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

भवदीय

विनोद बंसल

मीडिया प्रमुख, इन्द्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद-दिल्ली। संपर्क : 9810949109

Tuesday, June 7, 2011

बाबा रामदेव पर हमले के विरोध में विहिप का प्रचण्ड प्रदर्शन

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बाबा रामदेव पर हमले के विरोध में विहिप का प्रचण्ड प्रदर्शन
(धर्म यज्ञ कर हनुमान चालीसा यात्रा में हजारों सरीक)

नई दिल्ली। 7 जून, 2011। विश्व हिन्दू परिषद की अगुवायी में आज दिल्ली के हजारों राष्ट्रभक्तों ने बाबा रामदेव व अन्य निहत्थे निर्दोष सत्याग्रहियों पर पुलिस की दमनकारी कार्यवाही के विरोध में धर्मयज्ञ किया तथा हनुमान चालीसा यात्रा निकालकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। यज्ञोपरान्त विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक सिंहल ने कहा कि भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबी हुई सोनिया नीति सरकार द्वारा बौखलाहट में जो घृणित कार्य अर्धरात्रि को रामलीला मैदान में किया गया वह अक्षम्य अपराध है। महिलाओं व बच्चों के साथ रात्रि को सोते हुए संतों पर पुलिस का यह अमानवीय व्यवहार हिन्दू समाज तथा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर एक गहरा आघात है। उन्होंने यह भी कहा कि अब चारों ओर से घिरी यूपीए सरकार राष्ट्रवादी संगठनों व व्यक्तियों पर अनर्गल आरोप लगाकर अपना असली चेहरा छुपाने की कोशिश कर रही है जिसे देश की जनता अब बेनकाब करके रहेगी। देश की राजधानी में हुए इस जघन्य अपराध के लिए यूपीए सरकार को तुरन्त मांफी मांगकर बाबा की मांगो पर स्वीकारोक्ति देनी होगी।

यज्ञ के बाद उपस्थित जनसमूह ने नई दिल्ली के पहाडगंज स्थिति उदासीन आश्रम से हनुमान चालीसा करते हुए श्री हनुमान मंदिर कनॉट प्लेस की ओर कूंच किया तो पुलिस ने बैरीगेट लगाकर धारा 144 का हवाला देते हुए रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने वहीं बैठकर धरना दिया और हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। बजरंगबली का आह्वान करते हुए उपस्थित जनसमूह ने पथभ्रष्ट सरकार को सद्बुध्दि देने की प्रार्थना भी की। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को एक ज्ञापन देकर मांग की, कि इस पुलिसिया कहर के दोषी मंत्रियों को सख्त सजा दी जाये तथा देश की सवा सौ करोड़ जनता की आवाज को सुनकर उसे भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने हेतु बाबा की सभी मांगो को अविलभ्ब स्वीकार किया जाये।

इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद द्वारा नई दिल्ली के पहाडगंज स्थिति उदासीन आश्रम में प्रात: एक धर्म यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री प्रकाश शर्मा, श्री बी एल शर्मा “प्रेम”, दिल्ली संत महामण्डल के अध्यक्ष महन्त सुरेन्द्र नाथ अवधूत, सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी राघवानन्द, विहिप दिल्ली के अध्यक्ष श्री स्वदेश पाल गुप्ता, उपाध्यक्ष श्री ब्रजमोहन सेठी व सरदार उजागर सिंह, महामंत्री श्री सत्येन्द्र मोहन, संगठन मंत्री श्री करूणा प्रकाश, बजरंग दल के प्रांत संयोजक एडवोकेट शैलेन्द्र जायसवाल,पतंजलि योगपीठ के श्री पवन शर्मा सहित राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ व अनेक धार्मिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
सधन्यवाद्
भवदीय


(विनोद बंसल)
मीडिया प्रमुख
9810949109

Tuesday, May 24, 2011

राम द्रोह की सजा भुगत रहा है करुणा निधि परिवार: विहिप

प्रेस विज्ञप्ति
राम द्रोह की सजा भुगत रहा है करुणा निधि परिवार: विहिप


नई दिल्ली मई 24, 2011। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) का कहना है कि भगवान श्री राम के साथ द्रोह करने की सजा भुगत रहे हैं करुणा निधि। और अधिक कष्टों से बचने हेतु तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री को अब राम जी की शरण में अयोध्या जा कर तेरह अक्षरी विजय महा मंत्र “श्री राम जय राम जय जय राम” का जाप करना चाहिए क्योंकि उनके कुकर्मों की सजा अब उनके साथ पूरे परिवार भुगतने को भुगतनी पड रही है।
विहिप दिल्ली के महामंत्री श्री सत्येन्द्र मोहन ने कहा है कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा भगवान राम की निन्दा व राम सेतु को तोडने पर आमादा रहने के कारण न सिर्फ़ अपनी कुर्सी से हाथ धोना पडा बल्कि उनकी पुत्री को भी जेल जाना पडा। उन्होंने श्री करुणा निधि को सलाह देते हुए कहा है कि अभी भी समय है, और अधिक कष्टों से बचने हेतु वे अब राम जी की शरण में अयोध्या जा कर तेरह अक्षरी विजय महा मंत्र “श्री राम जय राम, जय जय राम” का जाप कर अपने इस पाप का प्रायश्चित करें।
विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि के राम सेतु आन्दोलन के दौरान श्री करुणा निधि ने कहा था कि “राम एक मिथक उपन्यास का काल्पनिक पात्र है”। “राम ने किस कालेज से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की थी जो इतना बडा सेतु बना सका?” बगैरा-बगैरा। श्री बंसल के अनुसार श्री राम चरित मानस में तुलसी दास जी ने भी कहा है कि “राम विमुख अस हाल तुम्हारा, रहा न कोई कुल रोबनिहारा।“ अर्थात् रावण के लगभग सभी सगे सम्बन्धियों के युद्ध में मारे जाने पर उसको कहा गया कि हे रावण राम से बैर करने के कारण ही तुम्हारा यह हाल हुआ है कि आपके कुल में कोई रोने वाला भी नहीं बचा।
श्री बंसल ने आगे बताया कि तमिलनाडु की जनता ने तुलसी दास जी कि उस चौपाई को अपना कर ही करुणा निधि को बाहर का रास्ता दिखाया है जिसमें कहा गया है कि “जाको प्रिय न राम बैदेही, तजिए तहि कोटि बैरी सम, यद्यपि परम सनेही।
विहिप ने अन्य राम द्रोहियों को भी आगाह करते हुए कहा है कि वे भगवान राम के काम में रोडा अटकाने से बाज आएं अन्यथा उन सब को भी इसी प्रकार राम द्रोह की सजा भुगतनी पडेगी।
भवदीय


विनोद बंसल
(मीडिया प्रमुख)
इन्द्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद-दिल्ली-9810949109