Tuesday, May 22, 2012






मजहबी आधार पर आरक्षण संविधान सम्मत नहीं

Story Update : Monday, May 21, 2012 1:48 AM

नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय कार्य अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा है कि मजहबी आधार पर आरक्षण संविधान सम्मत नहीं है और न ही राष्ट्रहित में । उन्होंने यह बात तालकटोरा स्टेडियम में रविवार को महापंचायत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के नाम पर हिंदुओं को रोटी और शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। इसलिए धर्म के आधार पर मिलने वाले आरक्षण को खत्म करने की आवश्यकता है।
इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित महापंचायत में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, आर्य समाज, वाल्मीकि समाज, रैगर समाज, खटीक समाज, जाटव समाज, अग्रवाल समाज जैन, बौद्ध समाज समेत स्वामी राघवानंद जी महाराज, डॉ. महेंद्र पाल, आचार्य विवेक नाथ, विहिप दिल्ली के अध्यक्ष स्वदेश पाल गुप्ता, महामंत्री सत्येंद्र मोहन आदि ने हिस्सा लिया। इस मौके पर हिंदू रोटी-शिक्षा बचाओ आंदोलन भी शुरू किया गया। महापंचायत में शिरकत करने आए जनता पार्टी के अध्यक्ष डॉ. सुब्रह्मण्यम् स्वामी ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देकर देश में एक और विभाजन की नींव रखी जा रही है। एक का अधिकार छीनकर दूसरे को दिया जा रहा है। इसी तरह अन्य वक्ताओं ने एक स्वर में रंगनाथन मिश्रा और सच्चर कमेटी की सिफारिशों का विरोध किया। उन्होंने मुसलिमों को दिए जाने वाले आरक्षण को समाप्त करने की मांग की।

http://www.amarujala.com/state/Delhi/58557-4.html

Dainik Jagran Hindi News

www.jagran.com

May 21,2012

हिंदू महापंचायत में मुस्लिम आरक्षण का विरोध

Updated on: Sun, 20 May 2012 09:35 PM (IST)

नई दिल्ली, जासं : इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद ने मुस्लिम आरक्षण के विरोध में महापंचायत की, जिसमें हिंदू रोटी-शिक्षा बचाओ आंदोलन का ऐलान किया गया। तालकटोरा स्टेडियम में रविवार को हुई इस महापंचायत में हिंदुओं की सभी जाति बिरादरियों के हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।

महापंचायत में मुख्य वक्ता विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगडि़या ने कहा कि मजहबी आधार पर आरक्षण न तो संविधान सम्मत है और न ही राष्ट्रहित में। सरकार को इसे हर हाल में वापस लेना ही होगा।

राजधानी के कोने-कोने से आए सभी जाति-बिरादरी के लोगों को संबोधित करते हुए जनता पार्टी के अध्यक्ष डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि मुसलमानों ने भारत पर 800 और ईसाइयों ने 200 सालों तक शासन किया है। ऐसे में उन्हें आरक्षण देने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि धर्म आधारित आरक्षण से देश के एक और विभाजन की नींव रखी जा रही है। इस मौके पर कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे।

http://www.jagran.com/delhi/new-delhi-city-9277912.html

आरक्षण देश विभाजन की नींव-विहिप

20 May 2012

नई दिल्ली. हिंदू सर्व जाति महापंचायत रविवार को दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटे के तहत अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया गया. महापंचायत में हिंदुओं की सभी जाति-बिरादरियों के लोग रंगनाथ मिश्र व सच्चर कमेटी की सिफारिशों के विरुद्ध लामबंद नजर आए. उन्होंने 'रोटी और शिक्षा बचाओ' आंदोलन का सूत्रपात भी किया. मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि मजहब के आधार पर आरक्षण न संविधान सम्मत है और न राष्ट्रहित में है, इसलिए सरकार को इसे किसी भी कीमत पर वापस लेना होगा. उन्होंने भारतीय संविधान सभा की संस्तुतियों का हवाला देते हुए कहा, "जिस मुसलमान को आरक्षण चाहिए वह पाकिस्तान चला जाए." वहीं जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि मुसलमानों ने भारत पर 800 साल तथा ईसाइयों ने 200 साल शासन किया था, तो अब उन्हें आरक्षण किस बात का चाहिए. उन्होंने कहा कि धर्म आधारित आरक्षण से देश के एक और विभाजन की नींव रखी जा रही है, जिसे हिंदू जनशक्ति की एकजुटता ही रोक सकती है. इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित इस महापंचायत में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, आर्य समाज, वाल्मीकि समाज, रैगर समाज, खटीक समाज, जाटव समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, बौद्ध समाज, शिरोमणि अकाली दल, रामगढ़िया समाज, सैनी समाज, गूजर समाज, सिख संगत, जयसवाल समाज, अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा, धानक समाज, सांसी समाज, भारदा समाज, यादव समाज, सिकलीगर समाज के लोगों के अलावा संत समुदाय भी शामिल हुआ.

http://navabharat.org/index.php/national-news/4109-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AA

अल्पसंख्यक आरक्षण खत्म हो : विहिप

Source : Agency I May 21, 2012 I Last Updated 09:14:07 IST

 National minority reservations over vhp

नई दिल्ली। हिंदू सर्व जाति महापंचायत रविवार को दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई जिसमें अन्य पिछ़डा वर्ग (ओबीसी) कोटे के तहत अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया गया। महापंचायत में हिंदुओं की सभी जाति-बिरादरियों के लोग रंगनाथ मिश्र व सच्चर कमेटी की सिफारिशों के विरूद्ध लामबंद नजर आए। उन्होंने "रोटी और शिक्षा बचाओ" आंदोलन का सूत्रपात भी किया।
मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण भाई तोगç़डया ने कहा कि मजहब के आधार पर आरक्षण न संविधान सम्मत है और न राष्ट्रहित में है, इसलिए सरकार को इसे किसी भी कीमत पर वापस लेना होगा। उन्होंने भारतीय संविधान सभा की संस्तुतियों का हवाला देते हुए कहा, ""जिस मुसलमान को आरक्षण चाहिए वह पाकिस्तान चला जाए।"" वहीं जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रrाण्यम स्वामी ने कहा कि मुसलमानों ने भारत पर 800 साल तथा ईसाइयों ने 200 साल शासन किया था तो अब उन्हें आरक्षण किस बात का चाहिए।
उन्होंने कहा कि धर्म आधारित आरक्षण से देश के एक और विभाजन की नींव रखी जा रही है जिसे हिंदू जनशक्ति की एकजुटता ही रोक सकती है। इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित इस महापंचायत में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, आर्य समाज, वाल्मीकि समाज, रैगर समाज, खटीक समाज, जाटव समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, बौद्ध समाज, शिरोमणि अकाली दल, रामगढि़या समाज, सैनी समाज, गूजर समाज, सिख संगत, जयसवाल समाज, अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा, धानक समाज, सांसी समाज, भारदा समाज, यादव समाज, सिकलीगर समाज के लोगों के अलावा संत समुदाय भी शामिल हुआ।

http://www.khaskhabar.com/hindi-news/National-minority-reservations-over-vhp-22512852.html

http://newsmaster.in/?p=98962

अल्पसंख्यक आरक्षण खत्म हो : विहिप (09:28:59 PM) 20, May, 2012, Sunday


नई दिल्ली ! हिंदू सर्व जाति महापंचायत रविवार को दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटे के तहत अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया गया। महापंचायत में हिंदुओं की सभी जाति-बिरादरियों के लोग रंगनाथ मिश्र व सच्चर कमेटी की सिफारिशों के विरुद्ध लामबंद नजर आए। उन्होंने 'रोटी और शिक्षा बचाओ' आंदोलन का सूत्रपात भी किया।

मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि मजहब के आधार पर आरक्षण न संविधान सम्मत है और न राष्ट्रहित में है, इसलिए सरकार को इसे किसी भी कीमत पर वापस लेना होगा।

उन्होंने भारतीय संविधान सभा की संस्तुतियों का हवाला देते हुए कहा, "जिस मुसलमान को आरक्षण चाहिए वह पाकिस्तान चला जाए।"

वहीं जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि मुसलमानों ने भारत पर 800 साल तथा ईसाइयों ने 200 साल शासन किया था तो अब उन्हें आरक्षण किस बात का चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म आधारित आरक्षण से देश के एक और विभाजन की नींव रखी जा रही है जिसे हिंदू जनशक्ति की एकजुटता ही रोक सकती है।

इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित इस महापंचायत में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, आर्य समाज, वाल्मीकि समाज, रैगर समाज, खटीक समाज, जाटव समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, बौद्ध समाज, शिरोमणि अकाली दल, रामगढ़िया समाज, सैनी समाज, गूजर समाज, सिख संगत, जयसवाल समाज, अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा, धानक समाज, सांसी समाज, भारदा समाज, यादव समाज, सिकलीगर समाज के लोगों के अलावा संत समुदाय भी शामिल हुआ।

http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/94089/2/170

अल्पसंख्यक आरक्षण खत्म हो : विहिप

नई दिल्ली, 20 मई हिंदू सर्व जाति महापंचायत रविवार को दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटे के तहत अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया गया। महापंचायत में हिंदुओं की सभी जाति-बिरादरियों के लोग रंगनाथ मिश्र व सच्चर कमेटी की सिफारिशों के विरुद्ध लामबंद नजर आए। उन्होंने 'रोटी और शिक्षा बचाओ' आंदोलन का सूत्रपात भी किया।

मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि मजहब के आधार पर आरक्षण न संविधान सम्मत है और न राष्ट्रहित में है, इसलिए सरकार को इसे किसी भी कीमत पर वापस लेना होगा।

उन्होंने भारतीय संविधान सभा की संस्तुतियों का हवाला देते हुए कहा, "जिस मुसलमान को आरक्षण चाहिए वह पाकिस्तान चला जाए।"

वहीं जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि मुसलमानों ने भारत पर 800 साल तथा ईसाइयों ने 200 साल शासन किया था तो अब उन्हें आरक्षण किस बात का चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म आधारित आरक्षण से देश के एक और विभाजन की नींव रखी जा रही है जिसे हिंदू जनशक्ति की एकजुटता ही रोक सकती है।

इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित इस महापंचायत में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, आर्य समाज, वाल्मीकि समाज, रैगर समाज, खटीक समाज, जाटव समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, बौद्ध समाज, शिरोमणि अकाली दल, रामगढ़िया समाज, सैनी समाज, गूजर समाज, सिख संगत, जयसवाल समाज, अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा, धानक समाज, सांसी समाज, भारदा समाज, यादव समाज, सिकलीगर समाज के लोगों के अलावा संत समुदाय भी शामिल हुआ।

http://khabarabtak.com/DetailNews.aspx?id=7290

राजनीति - Welcome To IANS Hindi - India's Largest Independent ...

ianshindi.com/index.php?param=category/63Cached - Translate this page

Home | NEWS | विहिप ने आयोजित किया सर्वजाति सम्मेलन

visfot.com

विहिप ने आयोजित किया सर्वजाति सम्मेलन

By visfot news network 15 hours 11 minutes ago

Tweet

<span title=विहिप ने आयोजित किया सर्वजाति सम्मेलन" height="247" width="330" border="0">

यह काम कोई राजनीतिक दल करता तो समझा जा सकता था कि जातियों की राजनीति उसकी मजबूरी हो सकती है लेकिन समूचे हिन्दू समाज को इकट्ठा करने का दावा करनेवाला विश्व हिन्दू परिषद यही काम करे तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है। रविवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित इस सर्वजाति सम्मेलन को विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने संबोधित किया और ओबीसी कोटे में मुस्लिम आरक्षण का विरोध किया।

विहिप की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि "ओबीसी कोटे के आरक्षण पर डाका डाल कर हिन्दुओं का हक छीन कर मुसलमानों को देने तथा रंगनाथ मिश्र व सच्चर कमेटी की सिफ़ारिसों के विरुद्ध सभी जाति-बिरादरियों के लोग आज लाम बन्द नजर आए। इसी के साथ हिन्दुओं की सभी जाति बिरादरियों के हजारों लोगों ने हिन्दू रोटी-शिक्षा बचाओ आन्दोलन का सूत्रपात भी किया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डा प्रवीण भाई तोगडिया ने उपस्थित जन समूह को संकल्प दिलाते हुए कहा कि मजहबी आधार पर आरक्षण न संविधान सम्मत है न राष्ट्र हित में अत: इसे किसी भी कीमत पर वापस लेना ही होगा। अन्यथा हिन्दू समाज अपनी रोजी-रोटी व टेक्स के रूप में सरकार के दे रहा धन तीनों को लुटते हुए नहीं देख सकता है। सविधान सभा का हवाला देते हुए उन्होंने ने कहा कि जिस मुसलमान को आरक्षण चाहिए वह पाकिस्तान चला जाए।"

"राजधानी के कोने-कोने से आए सभी जाति बिरादरियों के समूह को सम्बोधित करते हुए जनता पार्टी के अध्यक्ष डा सुब्रह्मण्यम् स्वामी ने कहा कि मुसलमानों ने भारत के ऊपर 800 साल तथा ईसाईयों ने 200 साल राज्य किया तो उन्हें आरक्षण किस बात का। धर्माधारित आरक्षण से देश के एक और विभाजन की नींव रखी जा रही है जिसे हिन्दू जन शक्ति की एकजुटता ही रोक सकती है।"

"भारत में शायद आज यह पहला अवसर था जब एक ही छ्त के नीचे हिन्दुओं की सभी जातियों तथा मत-पंथ सम्प्रदायों के प्रतिनिधि व जन समुदाय एक साथ देखा गया। सभी ने दोनो हाथ उठा कर अल्प संख्यक आरक्षण के नाम पर हिन्दुओं की रोटी व शिक्षा का अधिकार छीने जाने को रोकने के लिए संकल्प किया। इसके अलावा कार्यक्रम में हिन्दू रोटी-शिक्षा बचाओआन्दोलन का शंख-नाद भी हुआ। इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित इस महा पंचायत में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, आर्य समाज, वाल्मीकि समाज, रैगर समाज, खटीक समाज, जाटव समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, बौद्ध समाज, शिरोमणी अकाली दल, रामगढिया समाज, सैनी समाज, गूजर समाज, सिख संगत, जयसवाल समाज, अनुसूचित जाति जनजाति मोर्चा, धानक समाज, सांसी समाज, भारदा समाज, यादव समाज, सिकलीगर समाज इत्यादि अनेक जाति, मत-पंथ संप्रदायो के लोगों के अलावा बडी संख्या में संत समुदाय ने भी भाग लिया।"

http://visfot.com/home/index.php/permalink/6458.html

-

प्रेषक :
राकेश कुमार पाण्डेय
वि ही प , प्रचार प्रशार विभाग
&
Rakesh Kumar Pandey
+91-9717311794
VHP ,Media

Saturday, March 31, 2012


रामलीला मैदान से निकली रामनवमी की विशाल शोभायात्रा

रामलीला मैदान से निकली रामनवमी की विशाल शोभायात्रा

दिल्ली ने लिया राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने का संकल्प

नई दिल्ली। मार्च 31, 2012। इन्द्रपस्थ विश्व हिन्दू परिषद् के तत्वावधान में हिन्दू पर्व समन्वय समिति, दिल्ली एवं दिल्ली की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर रामलीला मैदान से गंगेश्वर धाम, करोल बाग तक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में 200 से अधिक विभिन्न स्वरूपों की झांकियां एवं भजन मण्डलियां सम्मिलित थीं। सर्वप्रथम हनुमान ध्वज के साथ खुली जीप में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी व प्रमुख संत भगवा साफा बांधे चल रहे थे। तत्पश्चात, हाथी, घोडे, ऊंट व बाइक सवारों के साथ श्रीराम धुन बजाते अनेक बैण्डबाजों के बीच विविध रूपों की सुन्दर झाँकियां चल रही थीं। पूरे यात्रा मार्ग को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के तीन रंगों वाली रोशनी से सजाया गया था। उपस्थित राम भक्तों ने राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने के लिए संकल्प भी लिया।

शोभायात्रा का शुभारम्भ विश्व हिन्दू परिषद् के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महा मंत्री श्री दिनेश चन्द्र, दिल्ली की मेयर श्रीमती रजनी अब्बी तथा सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पूज्य स्वामी राघवानन्द ज़ी महाराज, स्वामी पून्यानन्द गिरी जी, स्वामी प्रज्ञानन्द जी, स्वामी धर्म देव जी व महर्षि कुमारानन्द सरस्वती जी महाराज तथा हिन्दू पर्व समन्वय समिति के अध्यक्ष श्री रजनीश गोयन्का ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बोलते हुए विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महा मंत्री ने कहा कि विश्व का कोई कोना ऐसा नहीं है जहां राम के उपासक न हों। अब तो प्रत्येक हिन्दू उस दिन की प्रतीक्षा में है जब उसे अयोध्या में राम जी का भव्य मन्दिर और रामेश्वरम् में राम सेतु को वह राष्ट्रीय धरोहर के रूप में दर्शन कर सके। श्री दिनेश चन्द्र ने कहा कि बार-बार डेट लेने की बजाय भारत सरकार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय का और अधिक समय बर्वाद करने की जगह राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने हेतु तुरन्त हां कर देना चाहिए। मेयर श्रीमती रजनी अब्बी ने कहा कि हम राजधानी दिल्ली में राम राज्य की स्थापना हेतु कृत संकल्प हैं।

इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद् के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश सिंहल, इन्द्रप्रस्थ विहिप के अध्यक्ष श्री स्वदेशपाल गुप्ता, महामंत्री श्री सत्येन्द्र मोहन, हिन्दू पर्व समन्वय समिति के महामंत्री श्री ब्रजमोहन सेठी, सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के श्री मनोहरलाल कुमार, धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मांगेराम गर्ग, राष्ट्रवादी शिव सेना के अध्यक्ष श्री जयभगवान गोयल, वरिष्ठ नागरिक केशरी क्लब की श्री मती किरन चौपडा, दिल्ली संत महामंडल के महंत नवलकिशोर दास, हनुमान वाटिका के पूज्य महंत श्री रामकृष्ण दास महात्यागी, श्री विवेक शाह जी महाराज, बजरंग दल दिल्ली के संयोजक श्री शिव कुमार, दुर्गा वाहिनी संयोजिका सुश्री अन्जली समाज सेवी श्री अशोक मग्गो, श्री सुनील मित्तल, श्री रिखब चन्द जैन, श्री आर एल अग्रवाल, आचार्य राम गोपाल शुक्ल, श्री जय करण शर्मा व राजेन्द्र खेतान सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा टीवी सीरियल रामायण व महाभारत के प्रमुख कलाकार भी उपस्थित थे।

समिति के प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने बताया कि आज की इस भव्य शोभायात्रा में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, इन्द्रप्रस्थ सनातन धर्म परिषद्, इस्कोन, अक्षर धाम, ब्रह्म कुमारी विश्व विद्यालय, पतंजलि योग पीठ, अग्रोहा विकास ट्रस्ट, सनातन संस्था, आर्य समाज, जैन समाज, बाल्मीकि समाज, रविदास समाज, बौद्ध समाज सहित विभिन्न मत-पंथ सम्प्रदायों व मन्दिरों की झांकियां विविधता में एकता के दर्शन करा रहीं थीं। यात्रा मार्ग में 70 स्वागत द्वार तथा 20 बडे मंचों पर दोपहर से ही धार्मिक - सांस्क्रतिक कार्यक्रमों की धूम थी।

रामलीला मैदान से प्रारम्भ होने के पश्चात यात्रा का आसफ अली रोड, दरियागंज, चांदनी चौक, टाऊन हाल, खारी बावली, सदर बाजार, पहाडी धीरज, एम.एम. रोड, माडल बस्ती आदि क्षेत्रों में भव्य स्वागत हुआ। यात्रा दोपहर 4.30 बजे रामलीला मैदान से प्रारम्भ होकर रात्रि लगभग 8.00 बजे गंगेश्वर धाम, करोल बाग में पूज्य स्वामी आनंद भास्कर जी महाराज के आशीर्वचन के पश्चात सम्पन्न हुई।

रामलीला मैदान से निकली रामनवमी की विशाल शोभायात्रा



प्रैस विज्ञप्ति

रामलीला मैदान से निकली रामनवमी की विशाल शोभायात्रा

दिल्ली ने लिया राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने का संकल्प

नई दिल्ली। मार्च 31, 2012। इन्द्रपस्थ विश्व हिन्दू परिषद् के तत्वावधान में हिन्दू पर्व समन्वय समिति, दिल्ली एवं दिल्ली की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर रामलीला मैदान से गंगेश्वर धाम, करोल बाग तक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में 200 से अधिक विभिन्न स्वरूपों की झांकियां एवं भजन मण्डलियां सम्मिलित थीं। सर्वप्रथम हनुमान ध्वज के साथ खुली जीप में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी व प्रमुख संत भगवा साफा बांधे चल रहे थे। तत्पश्चात, हाथी, घोडे, ऊंट व बाइक सवारों के साथ श्रीराम धुन बजाते अनेक बैण्डबाजों के बीच विविध रूपों की सुन्दर झाँकियां चल रही थीं। पूरे यात्रा मार्ग को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के तीन रंगों वाली रोशनी से सजाया गया था। उपस्थित राम भक्तों ने राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने के लिए संकल्प भी लिया।

शोभायात्रा का शुभारम्भ विश्व हिन्दू परिषद् के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महा मंत्री श्री दिनेश चन्द्र, दिल्ली की मेयर श्रीमती रजनी अब्बी तथा सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पूज्य स्वामी राघवानन्द ज़ी महाराज, स्वामी पून्यानन्द गिरी जी, स्वामी प्रज्ञानन्द जी, स्वामी धर्म देव जी व महर्षि कुमारानन्द सरस्वती जी महाराज तथा हिन्दू पर्व समन्वय समिति के अध्यक्ष श्री रजनीश गोयन्का ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बोलते हुए विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महा मंत्री ने कहा कि विश्व का कोई कोना ऐसा नहीं है जहां राम के उपासक न हों। अब तो प्रत्येक हिन्दू उस दिन की प्रतीक्षा में है जब उसे अयोध्या में राम जी का भव्य मन्दिर और रामेश्वरम् में राम सेतु को वह राष्ट्रीय धरोहर के रूप में दर्शन कर सके। श्री दिनेश चन्द्र ने कहा कि बार-बार डेट लेने की बजाय भारत सरकार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय का और अधिक समय बर्वाद करने की जगह राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने हेतु तुरन्त हां कर देना चाहिए। मेयर श्रीमती रजनी अब्बी ने कहा कि हम राजधानी दिल्ली में राम राज्य की स्थापना हेतु कृत संकल्प हैं।

इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद् के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश सिंहल, इन्द्रप्रस्थ विहिप के अध्यक्ष श्री स्वदेशपाल गुप्ता, महामंत्री श्री सत्येन्द्र मोहन, हिन्दू पर्व समन्वय समिति के महामंत्री श्री ब्रजमोहन सेठी, सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के श्री मनोहरलाल कुमार, धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मांगेराम गर्ग, राष्ट्रवादी शिव सेना के अध्यक्ष श्री जयभगवान गोयल, वरिष्ठ नागरिक केशरी क्लब की श्री मती किरन चौपडा, दिल्ली संत महामंडल के महंत नवलकिशोर दास, हनुमान वाटिका के पूज्य महंत श्री रामकृष्ण दास महात्यागी, श्री विवेक शाह जी महाराज, बजरंग दल दिल्ली के संयोजक श्री शिव कुमार, दुर्गा वाहिनी संयोजिका सुश्री अन्जली समाज सेवी श्री अशोक मग्गो, श्री सुनील मित्तल, श्री रिखब चन्द जैन, श्री आर एल अग्रवाल, आचार्य राम गोपाल शुक्ल, श्री जय करण शर्मा व राजेन्द्र खेतान सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा टीवी सीरियल रामायण व महाभारत के प्रमुख कलाकार भी उपस्थित थे।

समिति के प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने बताया कि आज की इस भव्य शोभायात्रा में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा, इन्द्रप्रस्थ सनातन धर्म परिषद्, इस्कोन, अक्षर धाम, ब्रह्म कुमारी विश्व विद्यालय, पतंजलि योग पीठ, अग्रोहा विकास ट्रस्ट, सनातन संस्था, आर्य समाज, जैन समाज, बाल्मीकि समाज, रविदास समाज, बौद्ध समाज सहित विभिन्न मत-पंथ सम्प्रदायों व मन्दिरों की झांकियां विविधता में एकता के दर्शन करा रहीं थीं। यात्रा मार्ग में 70 स्वागत द्वार तथा 20 बडे मंचों पर दोपहर से ही धार्मिक - सांस्क्रतिक कार्यक्रमों की धूम थी।

रामलीला मैदान से प्रारम्भ होने के पश्चात यात्रा का आसफ अली रोड, दरियागंज, चांदनी चौक, टाऊन हाल, खारी बावली, सदर बाजार, पहाडी धीरज, एम.एम. रोड, माडल बस्ती आदि क्षेत्रों में भव्य स्वागत हुआ। यात्रा दोपहर 4.30 बजे रामलीला मैदान से प्रारम्भ होकर रात्रि लगभग 8.00 बजे गंगेश्वर धाम, करोल बाग में पूज्य स्वामी आनंद भास्कर जी महाराज के आशीर्वचन के पश्चात सम्पन्न हुई।

भवदीय

विनोद बंसल, मीडिया प्रमुख - इंद्र्प्रस्थ विश्व हिंदू परिषद, दिल्ली 9810949109

Friday, March 30, 2012

प्रैस विज्ञप्ति

तिरंगे के साये में चलेगी राम नवमी की शोभायात्रा

70 स्वागत द्वार, 20 जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ यात्रा आज

नई दिल्ली, मार्च 30, 2012 । राम नवमी के अवसर पर निकाली जाने वाली विशालतम् शोभायात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज यानि 31 मार्च 2012 को नई दिल्ली रामलीला मैदान से गंगेश्वर धाम करोल बाग तक चलने वाली पूरी शोभायात्रा को भारतीय गौरव के प्रतीक तिरंगे का संरक्षण प्राप्त होगा। अनेक प्रकार से अनुपम इस यात्रा मार्ग में लगभग 70 द्वार बनाये गये हैं तथा 20 स्थानों पर यात्रा की स्वागतार्थ मंच बने हैं जिन पर दोपहर बाद से ही यात्रा पहुंचने तक धार्मिक एवं सास्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। हिन्दू पर्व समन्वय समिति के महामंत्री श्री बृजमोहन सेठी ने बताया है कि इस बार की यात्रा में हजारों रामभक्तों के साथ स्कूली विधार्थी, धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक सगठनो के प्रमुख तथा दिल्ली के वरिष्ठ संत हजारों की संख्या में भाग लेंगे।

समिति के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद् के तत्वावधान में सायं 3 बजे से प्रारम्भ होने वाली इस यात्रा में पहली बार पूरे यात्रा मार्ग को आलोकित करने तथा राष्ट्रभक्ति के जागरण हेतु तिरंगी लाईटों का जाल बिछाया गया है। यात्रा में पहली बार ऊंट, घोड़े हाथी भी रहेंगे तथा यात्रा का मार्गदर्शन पूज्य संत करेंगे। यात्रा का उद्धाटन विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्री दिनेश चन्द्र, दिल्ली की मेयर श्रीमती रजनी अबनी व पूज्य संत संयुक्त रूप से करेंगे।

श्री बंसल ने आगे बताया कि इस राम नवमी पर रामेश्वरम् स्थिति रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने के लिए रामभक्त संकल्प भी करेंगे।

सधन्यवाद्

भवदीय

(विनोद बंसल)

मीडिया प्रमुख, इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद्-नई दिल्ली

9810949109

Note : Please place the program in your TODAYS PROGRAM column/List and cover it by sending your representative / correspondent / cameraman / photographer.

Thursday, March 29, 2012

राम नवमी शोभा यात्रा - राम लीला मैदान, नई दिल्ली से ३१ मार्च दोपहर ३ बजे.

Press Release
Preparations for Ram Navmi procession at full swings
It will be on Saturday - 31st March from Ram Leela Maidan

New Delhi March 29, 2012. The preparation for the Grand Ram Navami
Shobha yatra (Procession) in Delhi is at full swing. This year, it is
scheduled for 31st of this
month. It will have participation of every cast, creed, culture and
region of the national capital, said shri Brij Mohan Sethi, general
secretary of the Hindu Parv Samnvay Samitee, who organizes this
largest procession of the state.
This year procession will have many peculiarities such as large scale
participation of youths, school childern, prominent saints, and
socio-religious & cultural
organizations. Makeshift office is working round the clock in Ram
Leela Maidan since Monday. The tabloids will also depict different
cultures of various states of our country.
With the blessings of prominent saints, Shrimati Rajni Abbi, the mayor
of Delhi will be the chief guest of the inaugural program at 3 Pm in
Ram leela Maidan on coming Saturday. The yatra starting from Ram Leela
maidan will conclude at Gangeshwar Dham-Karol Bagh.
Regards

Vinod Bansal
9810949109
Hindu Parv Samanvay Samitee.
ivhpmedia@gmail.com




प्रैस विज्ञप्ति
दिल्ली में रामनवमी शोभा यात्रा की तैयारियां जोरों पर
31 मार्च को निकाली जाएगी शोभा यात्रा
नई दिल्ली। मार्च 28, 2012। दिल्ली में जहां लोग अभी विक्रमी
सम्वत् के पहले दिन - चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ हुए शारदीय नव
रात्रों में मां भगवती की आराधना में लगे हैं वहीं इन दिनों भगवान राम
के प्रकटोत्सव - रामनवमी की एक विशाल शोभा यात्रा की तैयारियां भी जोरों
पर हैं। हिन्दू पर्व समन्वय समिति के महा मंत्री श्री बृज मोहन सेठी ने
बताया कि यूं तो हर वर्ष ही पूरी दिल्ली में राम नवमी की शोभायात्राओं की
बड़ी धूम रहती है किन्तु इस वर्ष इसे बहुत बडे स्तर पर मनाए जाने की
तैयारियां चल रही हैं। समिति द्वारा दिल्ली के राम लीला मैदान से
गंगेश्वर धाम, करौल बाग तक निकाली जाने वाली इस विशाल शोभा यात्रा में
राजधानी के हर मत पंथ, संप्रदाय के लोगों तथा धार्मिक, सामाजिक एवं
सांस्कृतिक संस्थानों की भागीदारी होगी।
इस बार रामलीला मैदान से निकाली जाने वाली शोभा यात्रा में विविध
राज्यों की संस्कृति की
झलक होगी। इस में विभिन्न विद्यालयों के बच्चे भी भाग लेंगे तथा दिल्ली
के बडे से बडे संतों की टोली भी साथ होगी जिनका मार्ग दर्शन पूरी यात्रा
में मिलता रहेगा। गऊ रक्षा के लिए बनाई जा रही झांकी तथा राज्य के हर
हिस्सों से आ रही कीर्तन मण्डलियां तथा झांकियां इस बार कुछ खास मनमोहनी
होंगीं।
एक अप्रेल को बाजारों की छुट्टी तथा मन्दिरों के अपने स्थानीय कार्यक्रम
होने के कारण इस बार हम इस यात्रा को 31 मार्च को आयोजित कर रहे हैं
जिससे हर राजधानी वासी इस में भाग ले सके। दोपहर 3 बजे
रामलीला मैदान में दिल्ली की महापौर श्रीमती रजनी अब्बी कार्यक्रम की
मुख्य अतिथि होंगी तथा समिति के श्री रजनीश गोयनका की अध्यक्षता में
राजधानी के अनेक पूज्य संत एवं विशिष्ठ अतिथि शोभायात्रा का शुभारम्भ
करेंगे। यह शोभायात्रा रामलीला मैदान से आसफअली रोड़, दिल्ली गेट,
लालकिला, खारी बावली, सदर बाजार, पहाड़ी धीरज, बाड़ा हिन्दू राव,
फिल्मिस्तान, पृथ्वीनाथ मार्ग, श्री राम वाटिका (अजमल खां पार्क) होते
हुए गंगेश्वर धाम पर समाप्त होगी।
यात्रा मार्ग में इस बार सौ से भी अधिक तोरण द्वार बनायें जायेंगे जो
हिन्दू समाज के प्रमुख संतो, महात्माओं एवं महापुरूषों के नाम पर होंगें।
इसके अलावा शोभायात्रा में विभिन्न मतपंथ,
सम्प्रदायों की सहभागिता से अनेकता में एकता के दर्शन भी होंगें।
भवदीय
विनोद बंसल
हिन्दू पर्व समन्वय समिति, दिल्ली संपर्क : 9810949109

Tuesday, March 27, 2012

गौ मांस निर्यात खोलने से संविधान और धर्म दोनों की होगी हत्या : विहिप

गौमांस निर्यात के खिलाफ़ हिन्दू लामबन्द(राजधानी के प्रमुख संगठनों की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित, आन्दोलन की चेतावनी)

नई दिल्ली फ़रवरी 19, 2012। भारत सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा गऊ मांस के निर्यात की संस्तुति से आहत दिल्ली के प्रमुख धार्मिक व सामाजिक संगठन आज लामबन्द नजर आए। सभी ने एक स्वर से प्रस्ताव पारित कर सरकार की थू-थू करते हुए इसे हिन्दुओं की आस्था पर चोट व देश की अर्थव्यवस्था के खिलाफ़ एक घिनौना षडयंत्र करार दिया। लगभग एक दर्जन से अधिक प्रमुख हिन्दुवादी व राष्ट्र प्रेमी गौ भक्तों के संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों तथा पूज्य संतों ने सरकार को चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि सरकार गऊ माता की हत्या पर उतारू रहती है तो देश भर में एक ऐसा लोकतांत्रिक अलख जगाएंगे कि यूपीए सरकार तो क्या इसको समर्थन देने वाले भी धराशायी नजर आएंगे।वैठक की जानकारी देते हुए विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि दिल्ली के झण्डेवाल देवी मन्दिर के सभागार में आज प्रात: से ही बैठक में आने वाले गौ भक्तों के माथे पर गौमांस निर्यात को लेकर चिन्ता साफ़ नजर आ रही थी। पूज्य संतों की अध्यक्षता में भारतीय गौवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद दिल्ली द्वारा बुलाई गई इस बैठक में जब सबने अपनी-अपनी बात रखी तो उपस्थित गौ भक्त सरकार के इस ह्रदयवेधक कार्य के खिलाफ़ आपने क्रोध को रोक न सके। उनकी भाषा शैली में आहत भावनाओं का समावेश स्पष्ट नजर आ रहा था। सभी ने एक स्वर से प्रस्ताव पारित कर सरकार से आग्रह किया कि अपने पशुपालन विभाग व योजना आयोग को तुरन्त निर्देश दे कि वे गौ मांस निर्यात संबन्धी अपने प्रस्ताव को अविलम्ब निरस्त कर देश के सौ करोड हिन्दुओं व क्रषि पर आधारित जनता से माफ़ी मागे अन्यथा इसके गम्भीर लोकतांत्रिक परिणाम भुगतने पडेंगे। यह भी तय किया गया कि यदि सरकार नहीं चेती तो हम न्यायालय की शरण में भी जाएंगे।भारतीय गौवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद के प्रान्त महामंत्री श्री लवकेश गौड द्वारा बुलाई गई इस बैठक को परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंहल, प्रदेश अध्यक्ष डा राकेश रंजन, विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय गौ रक्षा प्रमुख श्री खेम चन्द, क्षेत्रीय गौरक्षा प्रमुख श्री राष्ट्र प्रकाश, प्रान्त उपाध्यक्ष सरदार उजागर सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री परमानन्द मित्तल, राष्ट्रीय गौधन महा संघ के श्री विजय खुराना, हिन्दू महा सभा के डा संतोष राय, हरियाणा राज्य गौ शाला संघ के श्री हरिओम तायल, राष्ट्रीय सिक्ख संगत के सरदार रविरंजन सिंह, गायत्री परिवार के श्री विजय, दिव्य योग जाग्रति मिशन की श्रीमति प्रेम लता अरोडा, वानर सेना के श्री संजीव राठौड, आर्य समाज के स्वामी सत्य बन्धु सरस्वती, भाजपा के गौवंस विकास प्रकोष्ठ के श्री यश पाल गुप्ता, भारत गौ सेवक समाज के श्री सुखवीर सैनी, जैन समाज के श्री ओम प्रकाश जैन, अखिल भारत हिन्दू महा सभा के डा डी के कपूर व लव फ़ोर काऊ के श्री सुरेन्द्र सिंह के साथ संतों में बाबा नन्द किशोर मिश्र, डा राधाकान्त वत्स, जैनाचार्य श्री प्रमोद मुनि व बाबा रघुवर शरण दास सहित अनेक गौ भक्तों ने संबोधित किया।

गौ मांस निर्यात खोलने से नाराज विहिप ने भेजा प्रधान मंत्री को पत्र (योजना आयोग को भी चेताया, कहा गौ मांस का निर्यात घिनौनी करतूत)

नई दिल्ली फ़रवरी 17, 2012। विश्व हिन्दू परिषद ने भारत सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा गऊ मांस के निर्यात को खोले जाने की संस्तुति पर अपनी कडी आपत्ति दर्ज करते हुए प्रधान मंत्री डा मनमोहन सिंह को एक पत्र भेजा है। विहिप के वरिष्ठ सलाहकार श्री अशोक सिंहल, उपाध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंहल व अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्री चंपत राय द्वारा हस्ताक्षरित यह ज्ञापन प्रधान मंत्री के साथ योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोन्टेक सिंह अहलूवालिया को भी भेजा गया है। ज्ञापन में यह मांग की गई है कि सौ करोड से अधिक भारतीयों की आस्था व विश्वास का केन्द्र, देश की क्रषि आधारित अर्थव्यवस्था की नींव, पर्यावरण की रक्षक व संविधान तथा न्यायालयों के निर्णयानुसार संरक्षित गऊ माता के मांस के निर्यात संबन्धी घ्रणित प्रस्ताव को अविलम्ब निरस्त किया जाए। पत्र की प्रति मीडिया को जारी करते हुए विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि बारहवीं पंच-वर्षीय योजना (2012-2017) के लिए भारत सरकार के पशुपालन व डेयरी विभाग के वर्किंग ग्रुप ने योजना आयोग को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसके अध्याय -12 के पैरा 12-3-1 के अन्तर्गत यह कहा गया है कि “वर्तमान में गऊ मांस निर्यात पर प्रतिवन्ध है; अत: आयात निर्यात नीति में आवश्यक संशोधन कर गऊ मांस के निर्यात की स्वीक्रति दी जाए”। इस प्रस्ताव पर अपनी कडी आपत्ति दर्ज करते हुए विश्व हिन्दू परिषद ने प्रधान मंत्री को लिखा है कि देश की हरित क्रांति व स्वेत क्रान्ति का आधार, गुरू गोविन्द सिंह जी महाराज तथा छत्रपति शिवा जी महाराज के “गऊ, गरीव और धर्म” के संदेश, महात्मा गांधी के गऊ रक्षा के संकल्प, नामधारी समाज के गऊ रक्षार्थ बलिदान को सदा याद रखते हुए ऐसे शर्मनाक, बेहूदे व दुखदायी प्रस्ताव को वे तुरन्त निरस्त करें। ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 48 में निहित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में गऊबंस की रक्षा के संकल्प, अनुच्छेद 51ए(1)(जी) में निहित प्राणियों के प्रति करुणा भाव संवंधी मौलिक कर्तव्यों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के गुजरात सरकार वनाम मिर्जापुर मोती कुरेशी कसाब जमात व अन्य के संम्बन्ध में दिए गये निर्णय का जिक्र भी किया गया है जिसमें केन्द्र सरकार को, गऊ मांस निर्यात से होने वाली हानियों का वर्णन करते हुए, इस पर रोक लगाने को कहा गया था। विहिप ने चेताया है कि यदि इस प्रस्ताव को तुरन्त निरस्त नहीं किया गया तो संतों के नेतृत्व में हिन्दू समाज सडकों पर उतरने को मजबूर होगा।

गौ मांस निर्यात खोलने से संविधान और धर्म दोनों की होगी हत्या : विहिप

(केन्द्र के पशुपालन विभाग ने कहा गौ मांस निर्यात पर प्रतिबन्ध हटे, हिन्दू समा्ज में आक्रोश )

नई दिल्ली फ़रवरी 7, 2012। विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महा मंत्री श्री दिनेश चन्द्र ने भारत सरकार के पशुपालन व डेयरी विभाग द्वारा योजना आयोग को गौ मांस निर्यात पर लगे प्रतिबन्ध को हटाने सम्बन्धी रिपोर्ट पर अपनी कडी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है इससे न सिर्फ़ गौबंस की वल्कि संविधान व धर्म दोनों की भी हत्या होगी। उन्होंने चेताया कि इससे पूर्व कि देश का जन मानस सडकों पर उतरे यूपीए सरकार इस रिपोर्ट को अविलम्ब वापस लेकर देश की जनता से माफ़ी मांगे। विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि राजधानी दिल्ली के संतों के संगठन दिल्ली संत महा मण्डल के एक अधिवेशन को संबोधित करते हुए विहिप के संगठन महा मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 में निहित राज्य के नीति निर्देशक सिध्दांत गौवंस की हत्या को पूरी तरह प्रतिबन्धित करते हैं। इसके अतिरिक्त अनेक न्यायालयों व सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों में भी गौबंस की हत्या व गौमांस निर्यात पर रोक लगाई जा चुकी है। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी, प्रथम राष्ट्रपति डा राजेन्द्र प्रसाद, पं मदन मोहन मालवीय, स्वामी विवेकानन्द, स्वामी राम क्रष्ण परमहंस, स्वामी दयानन्द सरस्वती, देव राहा बाबा, गोस्वामी तुलसी दास, महर्षि वाल्मीकि व महात्मा गौतम बुद्ध जैसे अनेक महा पुरुषों ने हमेशा गौ हत्या बंदी व गौ संवर्धन पर बल दिया था। लोकमान्य बाल गंगा धर तिलक ने तो यहां तक कहा कि “चाहे मुझे मार डालो, पर गाय पर हाथ मत उठाओ”। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम और गोपाल क्रष्ण के इस देश में केन्द्र सरकार का यह रवैया हिन्दू समाज के लिए असहनीय है। क्रषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पशुपालन व डेयरी विभाग के कमिश्नर द्वारा योजना आयोग को यह लिखा जाना कि “इस समय गौ मांस निर्यात पर प्रतिबन्ध है अत:यह आवश्यक है कि देश की आयात-निर्यात नीति में बदलाब कर गौ मांस निर्यात को खोला जाय”, बहुत ही गंभीर मामला है। इसे कदापि बर्दास्त नहीं किया जा सकता है। अधिवेशन में दिल्ली संत महा मण्डल के अध्यक्ष स्वामी प्रज्ञानन्द, महामण्डलेश्वर स्वामी राघवानन्द, महामंत्री महन्त नवल किशोर दास व विहिप दिल्ली के उपाध्यक्ष ब्रज मोहन सेठी सहित संतों ने भाग लिया।