Friday, March 30, 2012

प्रैस विज्ञप्ति

तिरंगे के साये में चलेगी राम नवमी की शोभायात्रा

70 स्वागत द्वार, 20 जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ यात्रा आज

नई दिल्ली, मार्च 30, 2012 । राम नवमी के अवसर पर निकाली जाने वाली विशालतम् शोभायात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज यानि 31 मार्च 2012 को नई दिल्ली रामलीला मैदान से गंगेश्वर धाम करोल बाग तक चलने वाली पूरी शोभायात्रा को भारतीय गौरव के प्रतीक तिरंगे का संरक्षण प्राप्त होगा। अनेक प्रकार से अनुपम इस यात्रा मार्ग में लगभग 70 द्वार बनाये गये हैं तथा 20 स्थानों पर यात्रा की स्वागतार्थ मंच बने हैं जिन पर दोपहर बाद से ही यात्रा पहुंचने तक धार्मिक एवं सास्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। हिन्दू पर्व समन्वय समिति के महामंत्री श्री बृजमोहन सेठी ने बताया है कि इस बार की यात्रा में हजारों रामभक्तों के साथ स्कूली विधार्थी, धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक सगठनो के प्रमुख तथा दिल्ली के वरिष्ठ संत हजारों की संख्या में भाग लेंगे।

समिति के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद् के तत्वावधान में सायं 3 बजे से प्रारम्भ होने वाली इस यात्रा में पहली बार पूरे यात्रा मार्ग को आलोकित करने तथा राष्ट्रभक्ति के जागरण हेतु तिरंगी लाईटों का जाल बिछाया गया है। यात्रा में पहली बार ऊंट, घोड़े हाथी भी रहेंगे तथा यात्रा का मार्गदर्शन पूज्य संत करेंगे। यात्रा का उद्धाटन विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्री दिनेश चन्द्र, दिल्ली की मेयर श्रीमती रजनी अबनी व पूज्य संत संयुक्त रूप से करेंगे।

श्री बंसल ने आगे बताया कि इस राम नवमी पर रामेश्वरम् स्थिति रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने के लिए रामभक्त संकल्प भी करेंगे।

सधन्यवाद्

भवदीय

(विनोद बंसल)

मीडिया प्रमुख, इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद्-नई दिल्ली

9810949109

Note : Please place the program in your TODAYS PROGRAM column/List and cover it by sending your representative / correspondent / cameraman / photographer.

Thursday, March 29, 2012

राम नवमी शोभा यात्रा - राम लीला मैदान, नई दिल्ली से ३१ मार्च दोपहर ३ बजे.

Press Release
Preparations for Ram Navmi procession at full swings
It will be on Saturday - 31st March from Ram Leela Maidan

New Delhi March 29, 2012. The preparation for the Grand Ram Navami
Shobha yatra (Procession) in Delhi is at full swing. This year, it is
scheduled for 31st of this
month. It will have participation of every cast, creed, culture and
region of the national capital, said shri Brij Mohan Sethi, general
secretary of the Hindu Parv Samnvay Samitee, who organizes this
largest procession of the state.
This year procession will have many peculiarities such as large scale
participation of youths, school childern, prominent saints, and
socio-religious & cultural
organizations. Makeshift office is working round the clock in Ram
Leela Maidan since Monday. The tabloids will also depict different
cultures of various states of our country.
With the blessings of prominent saints, Shrimati Rajni Abbi, the mayor
of Delhi will be the chief guest of the inaugural program at 3 Pm in
Ram leela Maidan on coming Saturday. The yatra starting from Ram Leela
maidan will conclude at Gangeshwar Dham-Karol Bagh.
Regards

Vinod Bansal
9810949109
Hindu Parv Samanvay Samitee.
ivhpmedia@gmail.com




प्रैस विज्ञप्ति
दिल्ली में रामनवमी शोभा यात्रा की तैयारियां जोरों पर
31 मार्च को निकाली जाएगी शोभा यात्रा
नई दिल्ली। मार्च 28, 2012। दिल्ली में जहां लोग अभी विक्रमी
सम्वत् के पहले दिन - चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ हुए शारदीय नव
रात्रों में मां भगवती की आराधना में लगे हैं वहीं इन दिनों भगवान राम
के प्रकटोत्सव - रामनवमी की एक विशाल शोभा यात्रा की तैयारियां भी जोरों
पर हैं। हिन्दू पर्व समन्वय समिति के महा मंत्री श्री बृज मोहन सेठी ने
बताया कि यूं तो हर वर्ष ही पूरी दिल्ली में राम नवमी की शोभायात्राओं की
बड़ी धूम रहती है किन्तु इस वर्ष इसे बहुत बडे स्तर पर मनाए जाने की
तैयारियां चल रही हैं। समिति द्वारा दिल्ली के राम लीला मैदान से
गंगेश्वर धाम, करौल बाग तक निकाली जाने वाली इस विशाल शोभा यात्रा में
राजधानी के हर मत पंथ, संप्रदाय के लोगों तथा धार्मिक, सामाजिक एवं
सांस्कृतिक संस्थानों की भागीदारी होगी।
इस बार रामलीला मैदान से निकाली जाने वाली शोभा यात्रा में विविध
राज्यों की संस्कृति की
झलक होगी। इस में विभिन्न विद्यालयों के बच्चे भी भाग लेंगे तथा दिल्ली
के बडे से बडे संतों की टोली भी साथ होगी जिनका मार्ग दर्शन पूरी यात्रा
में मिलता रहेगा। गऊ रक्षा के लिए बनाई जा रही झांकी तथा राज्य के हर
हिस्सों से आ रही कीर्तन मण्डलियां तथा झांकियां इस बार कुछ खास मनमोहनी
होंगीं।
एक अप्रेल को बाजारों की छुट्टी तथा मन्दिरों के अपने स्थानीय कार्यक्रम
होने के कारण इस बार हम इस यात्रा को 31 मार्च को आयोजित कर रहे हैं
जिससे हर राजधानी वासी इस में भाग ले सके। दोपहर 3 बजे
रामलीला मैदान में दिल्ली की महापौर श्रीमती रजनी अब्बी कार्यक्रम की
मुख्य अतिथि होंगी तथा समिति के श्री रजनीश गोयनका की अध्यक्षता में
राजधानी के अनेक पूज्य संत एवं विशिष्ठ अतिथि शोभायात्रा का शुभारम्भ
करेंगे। यह शोभायात्रा रामलीला मैदान से आसफअली रोड़, दिल्ली गेट,
लालकिला, खारी बावली, सदर बाजार, पहाड़ी धीरज, बाड़ा हिन्दू राव,
फिल्मिस्तान, पृथ्वीनाथ मार्ग, श्री राम वाटिका (अजमल खां पार्क) होते
हुए गंगेश्वर धाम पर समाप्त होगी।
यात्रा मार्ग में इस बार सौ से भी अधिक तोरण द्वार बनायें जायेंगे जो
हिन्दू समाज के प्रमुख संतो, महात्माओं एवं महापुरूषों के नाम पर होंगें।
इसके अलावा शोभायात्रा में विभिन्न मतपंथ,
सम्प्रदायों की सहभागिता से अनेकता में एकता के दर्शन भी होंगें।
भवदीय
विनोद बंसल
हिन्दू पर्व समन्वय समिति, दिल्ली संपर्क : 9810949109

Tuesday, March 27, 2012

गौ मांस निर्यात खोलने से संविधान और धर्म दोनों की होगी हत्या : विहिप

गौमांस निर्यात के खिलाफ़ हिन्दू लामबन्द(राजधानी के प्रमुख संगठनों की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित, आन्दोलन की चेतावनी)

नई दिल्ली फ़रवरी 19, 2012। भारत सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा गऊ मांस के निर्यात की संस्तुति से आहत दिल्ली के प्रमुख धार्मिक व सामाजिक संगठन आज लामबन्द नजर आए। सभी ने एक स्वर से प्रस्ताव पारित कर सरकार की थू-थू करते हुए इसे हिन्दुओं की आस्था पर चोट व देश की अर्थव्यवस्था के खिलाफ़ एक घिनौना षडयंत्र करार दिया। लगभग एक दर्जन से अधिक प्रमुख हिन्दुवादी व राष्ट्र प्रेमी गौ भक्तों के संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों तथा पूज्य संतों ने सरकार को चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि सरकार गऊ माता की हत्या पर उतारू रहती है तो देश भर में एक ऐसा लोकतांत्रिक अलख जगाएंगे कि यूपीए सरकार तो क्या इसको समर्थन देने वाले भी धराशायी नजर आएंगे।वैठक की जानकारी देते हुए विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल ने बताया कि दिल्ली के झण्डेवाल देवी मन्दिर के सभागार में आज प्रात: से ही बैठक में आने वाले गौ भक्तों के माथे पर गौमांस निर्यात को लेकर चिन्ता साफ़ नजर आ रही थी। पूज्य संतों की अध्यक्षता में भारतीय गौवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद दिल्ली द्वारा बुलाई गई इस बैठक में जब सबने अपनी-अपनी बात रखी तो उपस्थित गौ भक्त सरकार के इस ह्रदयवेधक कार्य के खिलाफ़ आपने क्रोध को रोक न सके। उनकी भाषा शैली में आहत भावनाओं का समावेश स्पष्ट नजर आ रहा था। सभी ने एक स्वर से प्रस्ताव पारित कर सरकार से आग्रह किया कि अपने पशुपालन विभाग व योजना आयोग को तुरन्त निर्देश दे कि वे गौ मांस निर्यात संबन्धी अपने प्रस्ताव को अविलम्ब निरस्त कर देश के सौ करोड हिन्दुओं व क्रषि पर आधारित जनता से माफ़ी मागे अन्यथा इसके गम्भीर लोकतांत्रिक परिणाम भुगतने पडेंगे। यह भी तय किया गया कि यदि सरकार नहीं चेती तो हम न्यायालय की शरण में भी जाएंगे।भारतीय गौवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद के प्रान्त महामंत्री श्री लवकेश गौड द्वारा बुलाई गई इस बैठक को परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंहल, प्रदेश अध्यक्ष डा राकेश रंजन, विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय गौ रक्षा प्रमुख श्री खेम चन्द, क्षेत्रीय गौरक्षा प्रमुख श्री राष्ट्र प्रकाश, प्रान्त उपाध्यक्ष सरदार उजागर सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री परमानन्द मित्तल, राष्ट्रीय गौधन महा संघ के श्री विजय खुराना, हिन्दू महा सभा के डा संतोष राय, हरियाणा राज्य गौ शाला संघ के श्री हरिओम तायल, राष्ट्रीय सिक्ख संगत के सरदार रविरंजन सिंह, गायत्री परिवार के श्री विजय, दिव्य योग जाग्रति मिशन की श्रीमति प्रेम लता अरोडा, वानर सेना के श्री संजीव राठौड, आर्य समाज के स्वामी सत्य बन्धु सरस्वती, भाजपा के गौवंस विकास प्रकोष्ठ के श्री यश पाल गुप्ता, भारत गौ सेवक समाज के श्री सुखवीर सैनी, जैन समाज के श्री ओम प्रकाश जैन, अखिल भारत हिन्दू महा सभा के डा डी के कपूर व लव फ़ोर काऊ के श्री सुरेन्द्र सिंह के साथ संतों में बाबा नन्द किशोर मिश्र, डा राधाकान्त वत्स, जैनाचार्य श्री प्रमोद मुनि व बाबा रघुवर शरण दास सहित अनेक गौ भक्तों ने संबोधित किया।

गौ मांस निर्यात खोलने से नाराज विहिप ने भेजा प्रधान मंत्री को पत्र (योजना आयोग को भी चेताया, कहा गौ मांस का निर्यात घिनौनी करतूत)

नई दिल्ली फ़रवरी 17, 2012। विश्व हिन्दू परिषद ने भारत सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा गऊ मांस के निर्यात को खोले जाने की संस्तुति पर अपनी कडी आपत्ति दर्ज करते हुए प्रधान मंत्री डा मनमोहन सिंह को एक पत्र भेजा है। विहिप के वरिष्ठ सलाहकार श्री अशोक सिंहल, उपाध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंहल व अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्री चंपत राय द्वारा हस्ताक्षरित यह ज्ञापन प्रधान मंत्री के साथ योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोन्टेक सिंह अहलूवालिया को भी भेजा गया है। ज्ञापन में यह मांग की गई है कि सौ करोड से अधिक भारतीयों की आस्था व विश्वास का केन्द्र, देश की क्रषि आधारित अर्थव्यवस्था की नींव, पर्यावरण की रक्षक व संविधान तथा न्यायालयों के निर्णयानुसार संरक्षित गऊ माता के मांस के निर्यात संबन्धी घ्रणित प्रस्ताव को अविलम्ब निरस्त किया जाए। पत्र की प्रति मीडिया को जारी करते हुए विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि बारहवीं पंच-वर्षीय योजना (2012-2017) के लिए भारत सरकार के पशुपालन व डेयरी विभाग के वर्किंग ग्रुप ने योजना आयोग को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसके अध्याय -12 के पैरा 12-3-1 के अन्तर्गत यह कहा गया है कि “वर्तमान में गऊ मांस निर्यात पर प्रतिवन्ध है; अत: आयात निर्यात नीति में आवश्यक संशोधन कर गऊ मांस के निर्यात की स्वीक्रति दी जाए”। इस प्रस्ताव पर अपनी कडी आपत्ति दर्ज करते हुए विश्व हिन्दू परिषद ने प्रधान मंत्री को लिखा है कि देश की हरित क्रांति व स्वेत क्रान्ति का आधार, गुरू गोविन्द सिंह जी महाराज तथा छत्रपति शिवा जी महाराज के “गऊ, गरीव और धर्म” के संदेश, महात्मा गांधी के गऊ रक्षा के संकल्प, नामधारी समाज के गऊ रक्षार्थ बलिदान को सदा याद रखते हुए ऐसे शर्मनाक, बेहूदे व दुखदायी प्रस्ताव को वे तुरन्त निरस्त करें। ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 48 में निहित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में गऊबंस की रक्षा के संकल्प, अनुच्छेद 51ए(1)(जी) में निहित प्राणियों के प्रति करुणा भाव संवंधी मौलिक कर्तव्यों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के गुजरात सरकार वनाम मिर्जापुर मोती कुरेशी कसाब जमात व अन्य के संम्बन्ध में दिए गये निर्णय का जिक्र भी किया गया है जिसमें केन्द्र सरकार को, गऊ मांस निर्यात से होने वाली हानियों का वर्णन करते हुए, इस पर रोक लगाने को कहा गया था। विहिप ने चेताया है कि यदि इस प्रस्ताव को तुरन्त निरस्त नहीं किया गया तो संतों के नेतृत्व में हिन्दू समाज सडकों पर उतरने को मजबूर होगा।

गौ मांस निर्यात खोलने से संविधान और धर्म दोनों की होगी हत्या : विहिप

(केन्द्र के पशुपालन विभाग ने कहा गौ मांस निर्यात पर प्रतिबन्ध हटे, हिन्दू समा्ज में आक्रोश )

नई दिल्ली फ़रवरी 7, 2012। विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संगठन महा मंत्री श्री दिनेश चन्द्र ने भारत सरकार के पशुपालन व डेयरी विभाग द्वारा योजना आयोग को गौ मांस निर्यात पर लगे प्रतिबन्ध को हटाने सम्बन्धी रिपोर्ट पर अपनी कडी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है इससे न सिर्फ़ गौबंस की वल्कि संविधान व धर्म दोनों की भी हत्या होगी। उन्होंने चेताया कि इससे पूर्व कि देश का जन मानस सडकों पर उतरे यूपीए सरकार इस रिपोर्ट को अविलम्ब वापस लेकर देश की जनता से माफ़ी मांगे। विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि राजधानी दिल्ली के संतों के संगठन दिल्ली संत महा मण्डल के एक अधिवेशन को संबोधित करते हुए विहिप के संगठन महा मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 में निहित राज्य के नीति निर्देशक सिध्दांत गौवंस की हत्या को पूरी तरह प्रतिबन्धित करते हैं। इसके अतिरिक्त अनेक न्यायालयों व सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों में भी गौबंस की हत्या व गौमांस निर्यात पर रोक लगाई जा चुकी है। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी, प्रथम राष्ट्रपति डा राजेन्द्र प्रसाद, पं मदन मोहन मालवीय, स्वामी विवेकानन्द, स्वामी राम क्रष्ण परमहंस, स्वामी दयानन्द सरस्वती, देव राहा बाबा, गोस्वामी तुलसी दास, महर्षि वाल्मीकि व महात्मा गौतम बुद्ध जैसे अनेक महा पुरुषों ने हमेशा गौ हत्या बंदी व गौ संवर्धन पर बल दिया था। लोकमान्य बाल गंगा धर तिलक ने तो यहां तक कहा कि “चाहे मुझे मार डालो, पर गाय पर हाथ मत उठाओ”। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम और गोपाल क्रष्ण के इस देश में केन्द्र सरकार का यह रवैया हिन्दू समाज के लिए असहनीय है। क्रषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पशुपालन व डेयरी विभाग के कमिश्नर द्वारा योजना आयोग को यह लिखा जाना कि “इस समय गौ मांस निर्यात पर प्रतिबन्ध है अत:यह आवश्यक है कि देश की आयात-निर्यात नीति में बदलाब कर गौ मांस निर्यात को खोला जाय”, बहुत ही गंभीर मामला है। इसे कदापि बर्दास्त नहीं किया जा सकता है। अधिवेशन में दिल्ली संत महा मण्डल के अध्यक्ष स्वामी प्रज्ञानन्द, महामण्डलेश्वर स्वामी राघवानन्द, महामंत्री महन्त नवल किशोर दास व विहिप दिल्ली के उपाध्यक्ष ब्रज मोहन सेठी सहित संतों ने भाग लिया।

VHP protest against ban on Bhagavadgeeta at Delhi

VHP protest

New Delhi. Dec 27, 2011. Vishwa Hindu Parishad(VHP) Bajarang Dal and some other hindu organisations today staged protest at Jantar Mantar in New Delhi. The protest lead by prominent saints & other Hindu leaders burn effigies of Reservation & Russian President to put pressure on the UPA Govt at centre. Terming the reservations to Muslim & Christians as unconstitutional they demanding to roll it back and asks Govt of Bharat to advise Russia strongly to stop banning Geeta in their country or any part of the world.

Addressing the protesters VHP central advisory board member BL Sharma “prem” said that when constituent assembly rejected any reservation based on religion unanimously and various high courts + the supreme court of Bharat had also criticized it heavily then why the UPA Govt is time and again trying to impose it on the country. The country has already lossed a lot by dividing it on religious lines, now UPA govt is creating the same situation in greediness of votes, Mr Prem added. Mr Prem warned the Russian President against any type of ban on Geeta, which is not only a holy book but a god in itself.

We have also submitted a memorandum to the president of Bharat today demanding immediate recall of any reservations based on religion and advise her Russian counterpart to stop any move to ban Geeta, said Vinod Bansal, Media chief- VHP Delhi. The protestors carrying saffron flags, banners, posters and play cards were souting slogans like “Aarakshan Abhishap hai-desh ka stya naas hai”, “Gaata mata kaa apamaan nahin sahega hindusthan” “Russian Govt Hos men ao” etc.

The gathering was also addressed by swami Pragyanand, Mahant Naval Kishore das, Mahant Surendra Nath Avadhut, VHP state gen. secretary Satyendra Mohan, VP Amrit Lal Sharma, secretary Gurdeen Prasad Rustagi, Roshan lal Gorakhpuria, Tara chand Gupta, Durga vahini convenor Anjali Tripathi, Matri Shakti Coconvenor Ms Simmi Ahuja etc.

Sunday, January 1, 2012

प्रेस विज्ञप्ति

हिन्दुओं (ओबीसी) का निबाला छीन कर मुसलमानों को देना अस्वीकार्य:विहिप

(सांप्रदायिक आधार पर देश विभाजन के षडयंत्र के विरुद्ध विहिप दिल्ली ने कमर कसी)

नई दिल्ली जनवरी 01, 2012। केन्द्र की यूपीए सरकार द्वारा हाल ही में घोषित अल्पसंख्यक आरक्षण को सिरे से खारिज करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्री चंपत राय ने इसे हिन्दुओं (विशेषकर ओबीसी वर्ग) का निवाला छीन कर मुसलमान व ईसाइयों को देने वाला बताया है। इसके अलावा राष्ट्रीय सलाहकार समिति द्वारा प्रस्तावित सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटने वाले काला कानून की संज्ञा देते हुए इसके खिलाफ़ समस्त देश भक्तों से एक जुट होने का अव्हान किया। विहिप दिल्ली के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने इन दोंनों विषयों पर व्यापक जन आन्दोलन चलाने की घोषणा की।

विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि उत्तरी दिल्ली के तरुण एन्कलेव स्थित श्री राधा क्रष्ण मन्दिर में पूरे दिन चली बैठकों में विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली के कोने कोने से आए पदाधिकारियों ने भाग लिया। उपस्थित पदाधिकारियों ने केन्द्र सरकार के प्रस्तावित सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक 2011, धर्माधारित आरक्षण, चीन द्वारा भारत के आर्थिक व सामरिक केन्द्रों पर अतिक्रमण तथा हिन्दू मानबिन्दुओं पर लगातार हो रहे हमलों को विरुद्द आवाज बुलन्द की। इसके अलावा विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली ने रूसी न्यायालय द्वारी श्री मद भागवद् गीता पर प्रतिबन्ध सम्बन्धी याचिका के खारिज किए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वभर के समस्त हिन्दू द्रोहियों को चेतावनी देते हुए आगाह किया है कि वे बार-बार हिन्दू मानविन्दुओं के अपमान से बाज आएं।

इस अवसर पर विहिप दिल्ली के अध्यक्ष श्री स्वदेश पाल गुप्ता, उपाध्यक्ष सरदार उजागर सिंह, श्री महावीर प्रसाद व श्री अम्रत लाल शर्मा, महामन्त्री श्री सत्येन्द्र मोहन, संगठन मंत्री श्री करुणा प्रसाद, बजरंग दल सह संयोजक श्री शिव कुमार, मात्र शक्ति सह संयोजिका श्रीमती सिम्मी आहूजा, दुर्गा वाहिनी संयोजिका कु अन्जलि सहित दिल्ली भर के लगभग 300 कार्यकर्ता सामिल थे।

भवदीय

विनोद बंसल

(मीडिया प्रमुख)

विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली संपर्क:-9810949109

Thursday, December 29, 2011

Roll back Communal order, Debar Congress(INC), says VHP

प्रेस विज्ञप्ति

विहिप का उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मण्डल मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला

(सांप्रदायिक आधार पर आरक्षण निरस्त कर कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की मांग)

नई दिल्ली दिसम्बर 29, 2011। विश्व हिन्दू परिषद के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मण्डल ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त से भेंट कर यूपीए सरकार द्वारा हाल ही में घोषित आरक्षण को समाप्त कर धार्मिक आधार पर वोटरों को लुभाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को आगामी विधान सभा के चुनावों से दूर रखने की मांग की है। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंहल, नव नियुक्त महा-मंत्री श्री चंपत राय तथा केन्द्रीय मंत्री डा सुरेन्द्र जैन ने चुनाव आयुक्त से कहा है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने चुनाव घोषणा से ठीक पूर्व जिस प्रकार धार्मिक आधार पर वोटरों को लुभाने का अपराध किया है वह न सिर्फ़ संविधान के अनुच्छेद 15(1) व 16(2) में प्रतिबन्धित है बल्कि अनुच्छेद 15(4) व 16(4) का उल्लंघन भी है। विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि इस आरक्षण से देश के एक और विभाजन की नींव रखी जाएगी। अत: इस सरकारी आदेश को विलम्ब वापिस लिया जाए।

विहिप के प्रतिनिधि मण्डल ने चुनाव आयुक्त को उसके 1999 के आदेश का स्मरण भी कराया जिसके अन्तर्गत चुनाव आयोग ने शिव सेना प्रमुख श्री बाल ठाकरे को सन् 2005 तक के लिए चुनाव लडने और यहां तक कि उनको मताधिकार से भी वंचित कर दिया था।

विश्व हिन्दू परिषद ने चुनाव आयुक्त से कहा है कि यूपीए सरकार ने चुनाव घोषणा से ठीक दो दिन पूर्व ओबीसी के 27% आरक्षण में से साढे चार प्रतिशत अल्पसंख्यकों को देकर धार्मिक आधार पर वोटरों को लुभाने तथा देश के एक और विभाजन की नींव रखी है। अत: इस आदेश को न सिर्फ़ तुरन्त वापस लिया जाए बल्कि इसके कारण आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की दोषी सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को आगामी चुनावों से अयोग्य घोषित किया जाए।

भवदीय

विनोद बंसल

विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली संपर्क:-9810949109


Press Release

Roll back Communal order, Debar Congress(INC), says VHP

(High level VHP Delegation Meet CEC)

New Delhi. December 29, 2011. A High level delegation of Vishwa Hindu Parishad (VHP) today meet the chief Election Commissioner of India demanding withdrawal of order dated 22/12/2011 issued by the under secretary to the Govt. of Bharat regarding sub-quota for minority communities just before the date of declaration of election in the five prominent states of the country. VHP also demanded a ban on fighting election by the Indian National Congress (INC) in the polls to come.

In its memorandum to CEC, VHP said that the religion-based reservation is not only prohibited by Articles 15(1) and 16(2) of the constitution and violative of articles 15(4) and 16(4) of the same too but also divide the country. The VHP leaders requested the Election Commission of India to take action against the Indian National Congress, the ruling party for blatant violation of the model code of conduct for political benefits by seeking votes on the basis of religion. The VHP demanded to rollback the communal order and requested that party should be debarred from fighting the elections. VHP reminded that in its order in 1999 CEC debarred shri Bal Thakare of Shiv Sena from fighting election and even to cast vote till 2005.


The delegation comprising the Int'l Vice President shri Om Prakash Singhal, the newly elected international Secretary General Vishwa Hindu Parishad shri Champat Rai & the secretary of the organization Dr Surendra Jain elaborated the CEC that The Central Government's decision to carve out a 4.5% sub-quota for Minorities from within the 27% reservation for OBC's, just before the announcement of the polling dates by Election Commission five states, is a pre-poll exploitive stunt meant to unduly influence the minority community to attract their votes.

Regards

Vinod Bansal

Vishwa Hindu Parishad-Delhi

M-9810949109

Tuesday, December 27, 2011

मुस्लिम आरक्षण व गीता पर प्रतिबन्ध के विरोध में प्रदर्शन

प्रेस विज्ञप्ति

मुस्लिम आरक्षण व गीता पर प्रतिबन्ध के विरोध में प्रदर्शन

नई दिल्ली, दिसम्बर 27, 2011। धर्माधारित आरक्षण व रूस में श्री मद भागवत् गीता पर प्रतिबन्ध के खिलाफ़ विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा तथा दिल्ली संत महा-मण्डल द्वारा आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विहिप की केन्द्रीय सलाहकार मण्डल के सदस्य व दिल्ली पूर्व सांसद श्री बी एल शर्मा प्रेम ने कहा कि भारत की संविधान सभा में हुई एक लम्बी बहस के बाद सर्व सम्मति से धर्म पर आधारित किसी भी प्रकार के आरक्षण को अस्वीकार कर दिया गया था। स्वतंत्र भारत में भी जब अनेक बार विभिन्न उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय भी जब किसी भी प्रकार के धर्म पर आधारित आरक्षण की स्पष्ट मनाही कर चुके हैं तो आखिर यूपीए सरकार संविधान तथा न्याय व्यवस्था का मखौल उडा कर मुस्लिम आरक्षण द्वारा देश के एक और विभाजन की नींव क्यों रख रही है। उन्होंने चेताया कि यदि इस आरक्षण को बापस नहीं लिया तो हम देश व्यापी प्रचंड प्रदर्शन कर राष्ट्र भक्त जनता को जगाएंगे।

रूस में श्री मद भागवत् गीता को प्रतिबन्धित करने के षडयंत्र का विरोध करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गीता भारत की आत्मा, विश्व की शान और आध्यात्म की जान है। ऐसे में विश्व के किसी भी भू भाग पर यदि इसका अपमान होता है या इसे प्रतिबन्धित करने का कुत्सित प्रयास होता है तो इसका मुंह तोड जवाब दिया जाएगा। वक्ताओं ने मांग की कि भारत सरकार रूसी सरकार व वहां के चर्च को सख्त हिदायत दे कि वे इस केस को तुरन्त वापस लें अन्यथा विश्व भर के हिन्दू चुप नहीं बैठेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मुस्लिम आरक्षण व रूसी राष्ट्रपति का पुतला भी फ़ूंका।

विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि प्रदर्शनकारी हाथों में भगवा झण्डे, तख्तियां, पोस्टर, बैनर व हाथों पर पट्टी बांधे नारे लगा रहे थे कि गीता मां का यह अपमान, नहीं सहेगा हिन्दुस्तान रूसी सरकार होश में आओ, आरक्षण अभिशाप है-देश का सत्या नाश है ओबीसी का छीन निवाला-भला देश का नहीं होने वाला

प्रदर्शनकारियों को महामण्डलेश्वर स्वामी प्रज्ञानन्द, दिल्ली संत महामण्डल के महन्त नवल किशोर दास, कलिका पीठाधीश्वर महन्त सुरेन्द्र नाथ अवधूत, विहिप के प्रान्त उपाध्यक्ष अम्रत लाल, महामन्त्री सत्येन्द्र मोहन, मंत्री गुरदीन प्रसाद रुस्तगी, श्री रोशन लाल गोरखपुरिया, दुर्गा वाहिनी संयोजिका कु अंजलि, मातृ शक्ति सह संयोजिका सिम्मी आहूजा, तारा चन्द गुप्ता आदि अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।

प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधि मण्डल ने भारत के राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी दिया जिसमें देश के बहुसंख्यक समाज (विशेषकर ओबीसी) का निवाला छीन कर मुसलमानों को असंवैधानिक तरीके से धर्माधारित आरक्षण व भारत की आत्मा गीता पर कुठाराघात करने वालों पर अंकुश लगाने की मांग की गई है।

भवदीय

विनोद बंसल

मीडिया प्रमुख,

इन्द्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद-दिल्ली संपर्क : 09810949109